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शिवनाथ नदी ने दिखाया अपना रौद्र रूप बारिश थमते ही बाढ़ का खतरा बढ़ा बारिश थमते ही शिवनाथ नदी पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालाकि पुलगांव के पुराने पुल पर पानी 2 फीट उपर बह रहा है वहीं महमरा एनीकट पर सात फीट ऊपर पानी बह रहा है। सुरक्षा को देखते हुए महमरा एनीकट पर बेरीकेट्स लगा दिए गए हैं। हालाकि बारिश थमने के बाद भी नदी किनारे गांवों की स्थिति पर अधिकारी नजर रखे हुए हैं। शिवनाथ नदी पर बाढ़ का खतरा बढ़ा। पुलगांव के पुराने पुल पर पानी 2 फीट उपर बह रहा है, वहीं महमरा एनीकट पर सात फीट ऊपर पानी बह रहा है। समय-समय पर अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का निरीक्षण कर वस्तु स्थिति का जायजा लिया।  रूक-रूक कर कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश के चलते राजनांदगांव के मोंगरा बैराज से 20 हजार क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा गया था। निरंतर बारिश और मोंगरा से छोड़े गए पानी की वजह से गत दिनों शिवनाथ का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है जिससे शिवनाथ नदी उफान पर है। शिवनाथ नदी का प्रवाह तेज होने के साथ ही बारिश का पानी पीसेगांव, मोहलई की सीमा छूने लगा है। नदी किनारे संचालित ईट-भठ्ठों में पानी भर गया है। दुर्ग से पी...
 मीडिया में सब एडिटर कार्यरत मुझे (अशोक सिंह प्रजापति) डिजिटल मीडिया में 7 वर्ष से अधिक का अनुभव है. कई लोकल न्यूज साइटों में अपनी सेवा दे चुका हूं. नेशनल, क्राइम, हाईपर-लोकल कंटेंट में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी अनुभव है.  https://desioner.blogspot.com  और Ashokp332@gmail.com व संपर्क मोबाइल नंबर 9981598558 पर भी संपर्क किया जा सकता है. 
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30  जून के बाद छत्तीसगढ़ में बारिश बढ़ने की संभावना   गरज के साथ बारिश के आसार रायपुर :   मौसम विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार 30 जून से छत्तीसगढ़ प्रदेश में बारिश की बढ़ने का अंदेशा लगाया गया है। पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं रात में कई इलाकों में बारिश हुई है। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रीय चुका है। वहीं कई इलाकों में गरज चमक के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। आज सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है।   जानकारी अनुसार प्रदेश में बारिश की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं राजधानी रायपुर में आज सुबह से ही घने बाद लों ने अपना डेरा डाला हुआ है, वहीं रात में कई इलाकों में बारिश हुई है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार , बंगाल की उत्तर पश्चिमी खड़ी , ओडिशा और पश्चिम बंगाल के समवर्ती तटीय क्षेत्रों पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है , जो की चक्रवर्ती परिसंचरण के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। यह आज ओडिशा और समवर्त...
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नवरात्रि कलश स्थापना के लिए ये है सबसे सटीक मुहूर्त जानें इसकी विधि से लेकर नियम और महत्व  Events Day/Date Navratri Day 1 Thursday, October 3, 2024 Navratri Day 2 Friday, October 4, 2024 Navratri Day 3 Saturday, October 5, 2024 Navratri Day 4 Sunday, October 6, 2024 Navratri Day 5 Monday, October 7, 2024 Navratri Day 6 Tuesday, October 8, 2024 Navratri Day 7 Wednesday, October 9, 2024 Navratri Day 8 Thursday, October 10, 2024 Navratri Day 9 Friday, October 11, 2024 Navratri Day 10 Saturday, October 11, 2024 नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना करना बेहद शुभ होता है. शुभ मुहूर्त में इसकी स्थापना करनी चाहिए. इसमें मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है. हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या के बाद शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस बार श...
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पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन इन मंत्रों का करें जाप पितर होंगे प्रसन्न, दूर होंगे हर कष्ट आश्विन मास में होने वाले पितृपक्ष के दिन पितरों को समर्पित होते हैं. साल 2024 में पितृ पक्ष की शुरुआत 17 सितंबर से हुई थी और 2 अक्टूबर तक पितरों के निमित्त श्रद्धा पूर्वक उन्हें शांति देने और मोक्ष देने के लिए तर्पण पिंडदान श्राद्ध कर्म आदि करने का विधान बताया गया हैं. साल 2024 में 2 अक्टूबर को पितृ विसर्जन अमावस्या होगी. यदि किसी व्यक्ति द्वारा श्राद्ध पक्षों में अपने पितरों का  श्राद्ध नहीं किया गया हो, तो पितृ विसर्जन अमावस्या पर ज्ञात अज्ञात या जिनके श्राद्ध कर्म करना भूल गए हो तो उनका श्राद्ध कर्म करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.  पुराणों और ग्रंथो अनुसार पितरों को शांति देने और मोक्ष देने के लिए बहुत से उपाय बताए गए हैं. यदि व्यक्ति द्वारा अपने पितरों के निमित्त कुछ खास मंत्रो का जाप किया जाए, तो पितृ प्रसन्न होकर अपने लोक चले जाते हैं. पितृ पक्ष के दिनों में पितरों के लिए वैसे तो कई प्रकार के उपाय बताए गए हैं, लेकिन पुराणों के अनुसार भगवान शिव के चमत्कारी महामृत्युंजय मंत्र और...
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दिल्ली से 10 छोटी यात्राएं भारत की राजधानी दिल्ली एक चहल-पहल भरा शहर है, जहाँ के निवासी अपने मन और आत्मा को तरोताजा करने के लिए लंबी ड्राइव या त्वरित पलायन के अवसरों का लाभ उठाते हैं। दिल्ली से सप्ताहांत की यात्राएँ आराम करने, साहसिक और मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होने और नीरस शहरी जीवन से दूर दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने का सबसे अच्छा तरीका है। सौभाग्य से, दिल्ली एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है जहाँ से नदियों, पहाड़ों, मैदानों, किलों आदि तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।  चाहे आप पहाड़ों, ऐतिहासिक किलों या शांत परिदृश्यों में आराम करना चाहते हों, दिल्ली की इन जगहों से निकटता आपको एक बेहतरीन छोटी यात्रा की योजना बनाने में मदद करती है। यहाँ दिल्ली के पास कुछ चुनिंदा जगहें हैं, जिनकी आप किफायती तरीके से योजना बना सकते हैं! हीरो फिनकॉर्प पर्सनल लोन से वित्त के साथ इन यात्राओं पर निकलें और ढेर सारी यादें बनाएँ! व्यक्तिगत ऋण प्राप्त करने के लिए दिल्ली से छोटी यात्राओं के लिए 10 सर्वश्...
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  50 भारत के पर्यटन स्थल जिन्हें सैलानी खासतौर से पसंद करते हैं भारत विविधता में एकता का देश है जहाँ आपको हर तरह के लोग अपनी अलग संस्कृति , रीति-रिवाज आदि बिखेरते मिलेंगे। जैसे अनेक सब्जियों को मिलाकर एक स्वादिष्ट सब्जी बनती है , ठीक उसी तरह भारत में भी बहुत से धर्मों का समागम है जो मिलकर इस देश को धर्मनिरपेक्ष बनाता है। उत्तर भारत में पर्यटन स्थल की कोई कमी नहीं है। आप भारत के पर्यटन स्थल देखते ही मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। जहाँ एक तरफ रंग-बिरंगी वादियाँ दिखेंगी तो दूसरी ओर समुद्र की ऊँची उठती लहरें। कही आसमान छूने वाले पहाड़ दिखेंगे तो कहीं खिलखिलाते बगीचे।बस ज़रूरत है ठहर कर इन्हें समटने की। भारत के 50 पर्यटन स्थल खिलखिलाते हुए एक ऐसी सवारी के लिए तैयार हो जाओ जो आपको कृतार्थ कर देगी।चलिए अब विस्तार से भारत के पर्यटन स्थल की सूची की पर नज़र डालते हैं: 1. दिल्ली – दिलवालों का शहर भारत की राजधानी दिलवालों की दिल्ली के नाम से मशहूर है। यह शहर यहाँ मौजूदा ऐतिहासिक इमारतों , मंदिरों , बाज़ारों आदि के लिए पूरे देशभर में विख्यात है। कहीं से भी आने वाला व्यक्ति दिल्ली अवश्य आ...