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Showing posts from April, 2017

नवरात्रि स्पैशल व्रत इडली

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मां दुर्गा के नवरात्र व्रत के दिनों में भी आप फलाहारी आहार में कुछ नया ट्राई कर सकते हैं. आज हम आपको सामक के चावल और साबूदाना की इडली की रैसिपी बनाना बताएंगें. यह खाने में काफी स्वादिष्ट होती है. सामग्री - 1 कप सामक के चावल - ½ कप साबूदाना - 2 चुटकी बेकिंग सोडा - सेंधा नमक स्वादानुसार विधि- 1. सामक के चावल और साबूदाना दोंनों को एक बाउल में लेकर धो लें और 3 घंटे के लिए भिगो दें. 2. फिर इसमें से पानी निकाल कर इन्हें पीस लें. इसको पीसते हुए पानी सिर्फ 2-3 चम्मच ही लें. 3. पीसने पर मिश्रण थोड़ा गाढ़ा और दानेदार हो. 4. इस मिश्रण को एक बाउल में निकालकर सारी रात के लिए ढककर रख दें. 5. इडली बनाने से पहले इसमें नमक, बेकिंग पाउडर मिक्स कर लें. 6. इडली स्टैंड को पहले ग्रीस कर लें. फिर इसमें इडली का मिश्रण डालकर इन्हें माइक्रोवेव में 5-8 मिनट के लिए स्टीम करें. 7. इडली स्टैंड से इडलियां चाकू की मदद से निकाल लें और नारियल की चटनी के साथ परोसें. 

नवरात्र: कुट्टू का आटा है पोषण-तत्वों से भरपूर

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नवरात्र तन, मन और आत्मा को स्वच्छ करने का मौका होता है. इस दौरान गेहूं का आटा नहीं, कुट्टू का आटा खाया जाता है. कुट्टू का आटा अनाज नहीं, बल्कि फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है. कुट्टू के आटे के फायदों के बारे में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए बेहतरीन विकल्प है. इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर, मैग्नीज और फासफोरस भरपूर मात्रा में होता इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रूटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है. सेलियक रोग से पीड़ितों को भी इसे खाने की सलाह दी जाती है. चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे छह घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके.चूंकि इसमे ग्लूटन नहीं होता इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है. नवरात्र में घर पर ही बनाएं ये टेस्टी फलाहार यह ध्यान रखें कि इसकी पूरियां बनाने के...