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Showing posts from 2017

5 चीजें जो आपको नहीं करनी चाहिए और क्यों?

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दोस्तों जाने अनजाने हम ऐसी कई चीजें करते हैं जो हमारे personal development के लिए ठीक नहीं होतीं. वैसे तो इन चीजों की list बहुत लम्बी हो सकती है पर मैं आपके साथ सिर्फ पांच ऐसी बातें share कर रहा हूँ जो मैं follow करता हूँ. हो सकता है कि आप already इनमे से कुछ चीजें practice करते हों, पर अगर आप यहाँ से कुछ add-on कर पाते हैं तो definitely वो आपके life को better बनाएगा. 5 चीजें जो आपको नहीं करनी चाहिए और क्यों ? 1) दूसरे की बुराई को enjoy करना ये तो हम बचपन से सुनते आ रहे हैं की दुसरे के सामने तीसरे की बुराई नहीं करनी चाहिए, पर एक और बात जो मुझे ज़रूरी लगती है वो ये कि यदि कोई किसी और की बुराई कर रहा है तो हमें उसमे interest नहीं लेना चाहिए और उसे enjoy नहीं करना चाहिए. अगर आप उसमे interest दिखाते हैं तो आप भी कहीं ना कहीं negativity को अपनी ओर attract करते हैं. बेहतर तो यही होगा की आप ऐसे लोगों से दूर रहे पर यदि साथ रहना मजबूरी हो तो आप ऐसे topics पर deaf and dumb हो जाएं, सामने वाला खुद बखुद शांत हो जायेगा. For example यदि कोई किसी का मज़ाक उड़ा रहा हो और आप उस पे हँसे ही नहीं तो ...

ज़िंदगी के लिए यह आठ तरीके काफी हैं

प्रकृति की देन प्रकृति की सबसे अद्भुत देन है ‘दिमाग’... यदि यह ना होता तो आज हम कहां होते? यही दिमाग तो है जिसने आदिम इंसान को बताया कि पत्थर घिसने से आग उत्पन्न होती है, आसपास की हरियाली में ही खाद्य पदार्थ छिपे हैं। इसी दिमागी ताकत की बदौलत हम यहां तक पहुंचे हैं और आगे भी तरक्की की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कैसे जीयें ज़िंदगी लेकिन जब मनुष्य अपनी दिमागी ताकतों को समझ ही नहीं पाएगा तो क्या लाभ? फिर तो वह एक जानवर के ही समान है। खैर ऐसा कहकर शायद मैं एक जानवर का भी निरादर कर रही हूं, क्योंकि उसे कब खाना है और कब खेलना है वह जानता है। लेकिन आजकल तो लोग अपने भीतर छिपी अच्छाइयों को भूलते जा रहे हैं। परेशान ना हों बस ज़िंदगी ने कहीं दुख दिए नहीं कि उससे लड़ने से पहले ही हार को दर्शाते हुए हाथ खड़े कर दिए। बड़े-बुज़ुर्गों ने सही तो कहा है कि ज़िंदगी हमें अपने हर एक पड़ाव पर एक सीख दे जाती है, मज़ा तो तब है जब हम उस सीख को सकारात्मक व्यवहार से अपनाते हुए अगले पड़ाव की ओर बढ़ चलें। ज़िंदगी में कई रास्ते आते हैं इसमें कोई दो राय नहीं कि ज़िंदगी में ऐसे कई रास्ते आते हैं जहां पहुंचकर हमें आगे कोई मार्ग द...

Seven Good Habits for Success

जीवन में सफल होने के लिए कुछ अच्छी आदते कहा  जाता है की हम जो इंसान के रूप में ये जिन्दगी पाते है वो हमारे कई जन्मो के अच्छे कर्मो का फल होता है जिससे हम इन्सान के   रूप में जन्म लेते है  और जब हम इंसान के के रूप में जन्म तो ले लेते है लेकिन हम अपने Achhe या बुरे कर्मो के द्वारा के द्वारा अपनी जिन्दगी युही गवा देते है तो जब हम यदि इस जिन्दगी को सार्थक बनाना चाहते है तो हमे इस जिन्दगी में इतने अच्छे कर्म करने चाहिए की हमारे जाने के बाद भी लोग हमे याद करे और जब भी किसी अच्छाई का जिक्र हो तो हमारा नाम भी लिया जाय हमे ऐसी जिन्दगी जीने का प्रयाश करना चाहिए तो क्यू न हम सभी ऐसी ही Achi Aadte अपने जिन्दगी में शामिल कर ले जिससे हमारा जीवन और सुन्दर हो जाए और हम एक अच्छे इन्सान के रूप में बन जाए तो आईये जानते है कुछ ऐसी ही अच्छी आदते जो हमारी जिन्दगी की सोच को बदल दे कुछ अच्छी आदते / Life me Success hone ke liye Achi Adte Hindi Me – अपनी  जिन्दगी  को  सफल बनाने के लिए हमे इन अच्छी आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए – 1- मदद की भावना /...

जीने की कला का जानिए रहस्य

सफलता और खुशी जीवन के दो पूरक हैं और अगर इन दोनों में से कोई एक भी न रहे तो निश्चित ही दूसरे का मिलना भी मुमकिन नहीं। पर यह भी संभव नहीं कि हर कदम पर आपको सफलता ही हाथ लगे या हर वक्त आप खुश रहें। ऐसी मुश्किल परिस्थितियों में भी जीवन में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि नई कामयाबी की तरफ बढ़ा जा सके। किस तरह एक छात्र और एक पेशेवर अपनी जिंदगी में यह संतुलन कायम कर सकते हैं, आइए जानते हैं। जिंदगी तो हम सभी जी रहे हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि हम सभी जिंदगी का भरपूर मजा भी ले रहे हों। खासतौर पर अपने छात्र और नौकरी-पेशे के समय में। कोई छोटी-सी नाकामयाबी या असफलता हमें इतनी ठेस पहुंचा देती है कि हमें जिंदगी जीने का कोई उद्देश्य ही नजर नहीं आता और कभी-कभी एक सफलता हमें सातवें आसमान पर पहुंचा देती है, जिस वजह से हमें जमीन तक दिखाई नहीं देती। कामयाबी और नाकामयाबी के बीच भी जिंदगी हमसे बहुत कुछ कहती है, हमें बहुत कुछ सिखाती है। एक साधारण छात्र या पेशेवर होने के बावजूद हम क्या-क्या असामान्य या असाधारण काम कर सकते हैं, हमारी क्षमताएं और ताकत, यह सब हम जीवन क...

Old Work Example

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Work in Central Chronicle

Ek examples job work

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नवरात्रि स्पैशल व्रत इडली

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मां दुर्गा के नवरात्र व्रत के दिनों में भी आप फलाहारी आहार में कुछ नया ट्राई कर सकते हैं. आज हम आपको सामक के चावल और साबूदाना की इडली की रैसिपी बनाना बताएंगें. यह खाने में काफी स्वादिष्ट होती है. सामग्री - 1 कप सामक के चावल - ½ कप साबूदाना - 2 चुटकी बेकिंग सोडा - सेंधा नमक स्वादानुसार विधि- 1. सामक के चावल और साबूदाना दोंनों को एक बाउल में लेकर धो लें और 3 घंटे के लिए भिगो दें. 2. फिर इसमें से पानी निकाल कर इन्हें पीस लें. इसको पीसते हुए पानी सिर्फ 2-3 चम्मच ही लें. 3. पीसने पर मिश्रण थोड़ा गाढ़ा और दानेदार हो. 4. इस मिश्रण को एक बाउल में निकालकर सारी रात के लिए ढककर रख दें. 5. इडली बनाने से पहले इसमें नमक, बेकिंग पाउडर मिक्स कर लें. 6. इडली स्टैंड को पहले ग्रीस कर लें. फिर इसमें इडली का मिश्रण डालकर इन्हें माइक्रोवेव में 5-8 मिनट के लिए स्टीम करें. 7. इडली स्टैंड से इडलियां चाकू की मदद से निकाल लें और नारियल की चटनी के साथ परोसें. 

नवरात्र: कुट्टू का आटा है पोषण-तत्वों से भरपूर

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नवरात्र तन, मन और आत्मा को स्वच्छ करने का मौका होता है. इस दौरान गेहूं का आटा नहीं, कुट्टू का आटा खाया जाता है. कुट्टू का आटा अनाज नहीं, बल्कि फल से बनता है और अनाज का बेहतर विकल्प होने के साथ पौष्टिक तत्वों भरपूर भी होता है. कुट्टू के आटे के फायदों के बारे में आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि कुट्टू का आटा प्रोटीन से भरपूर होता है और जिन्हें गेहूं से एलर्जी हो, उनके लिए बेहतरीन विकल्प है. इसमें मैग्नीशियम, विटामिन-बी, आयरन, कैल्शियम, फॉलेट, जिंक, कॉपर, मैग्नीज और फासफोरस भरपूर मात्रा में होता इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट रूटीन भी होता है जो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर को कम करता है. सेलियक रोग से पीड़ितों को भी इसे खाने की सलाह दी जाती है. चूंकि कुट्टू के आटे को चबाना आसान नहीं होता, इसलिए इसे छह घंटे पहले भिगो कर रखा जाता है, फिर इन्हें नर्म बनाने के लिए पकाया जाता है, ताकि आसानी से पच सके.चूंकि इसमे ग्लूटन नहीं होता इसलिए इसे बांधने के लिए आलू का प्रयोग किया जाता है. नवरात्र में घर पर ही बनाएं ये टेस्टी फलाहार यह ध्यान रखें कि इसकी पूरियां बनाने के...
स्वादिष्ट होने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है पपीता सेहत. पपीता जो बाजार में आसानी से ही मिल जाता है. इसका सेवन करने से आप कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं. पाचन क्रिया के लिए तो पपीता रामबाण ही माना जाता है. पपीता जितना स्वादिष्ट होता है, यह उतना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी. पपीता में विटामिन ए, पोटेशियम और कैल्शियम पाया जाता है. इसी कारण यह हमें इतने फायदे देता है. - पपीते के सेवन करने से दाद, खाज, खुजली दूर हो जाती है. - जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें पपीते का नियमित सेवन करना चाहिए. -पपीते के नियमित सवेन से हाई बीपी को कंट्रोल हो जाता है. - लंबी उम्र पाने और लंबे समय तक जवान रहने के लिए पपीता खाना फायदेमंद है. -बच्चों के पेट में कीड़े की समस्या हो तो पपीता खिलाने से कीड़े खत्म हो जाते है. - नियमित रूप से पपीता खाने से झुर्रियां, बालों का झड़ना, चर्मरोग, अनियमित मासिक धर्म से सम्बन्धित समस्याएं भी खत्म हो जाती है. - जो लोग मोटापे से पीड़ित हैं और वजन कम करना चाहते हैं वे लगातार नाश्ते में इस फल का सेवन करके अपना वजन कंट्रोल कर सकते है. - पपीता दिल के मरी...
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घर में दे पावभाजी को रेस्टोरेंट का स्वाद पाव भाजी तो हर कोई पसंद के साथ खता है.इसमें सारी सब्जियां होने के कारण यह काफी पौष्टिक भी होती है. इसे आप बच्चों के टिफिन में भी दे सकती हैं. आइए जानते है इसे बनाने के तरीके के बारे में- सामग्री- 4 पीस आलू, 3 गाजर, 2 शिमला मिर्च, 1 कद्दू,1 बैंगन, 1 फूल गोभी, 250 ग्राम मटर, 250 ग्राम पनीर, 3 चम्मच घी 3 बड़े चम्मच पाव भाजी मसाला, 3 हरी मिर्चे, 1 चम्मच लाल मिर्च,नमक स्वादानुसार, 4 बड़े प्याज बारीक कटे हुए 3 टमाटर की प्यूरी, 1 चम्मच टमाॅटो साॅस,हरा धनिया बारीक कटा हुआ,कुछ पाव,मक्खन विधि- 1-सबसे पहले मटर और पनीर को छोड़कर सभी सब्जियों को धोकर काटकर कूकर में नमक,पानी डालकर उबाल लें. 2-एक अलग पैन में घी को गर्म करें और इसमें प्याज भूनें, फिर इसमें टमाटर की प्यूरी डालकर घी निकलने तक पकाएं. 3-अब कूकर की सब्जियों को हल्का ग्राइंड कर लें. 4-फिर इस तड़के में सभी मसालें डालकर अच्छे से पकाएं और अब इसमें ग्राइंड की हुई सब्जियों को डालें और मध्यम आंच पर चलाएं. 5-एक तरफ मटर उबालकर रख लें और पनीर के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें. 6-अब तड़के में उबले हुए मट...
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शिवजी को चढ़ाएं ये चीजें, पूरी होगी आपकी मुराद भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है. ऐसी मान्यता है कि वे सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है. इसलिए उन्हें आशुतोष कहा जाता है. आइए जानते हैं शिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रिय ऐसी चीजों के बारे में जो अर्पित करने से भोलेनाथ हर कामना पूरी करते हैं. कर्पूर से करें शिव की आरती  कहा जाता है भगवान शिव को कर्पूर की सुगंध बहुत प्रिय है. अगर सुबह-सुबह भगवान शिव की कर्पूर से आरती की जाए तो इससे वातावरण तो साफ होता ही है और भगवान शिव भी प्रसन्‍न होते हैं. जल मात्र जल का एक लोटा चढ़ाने से भगवान शंकर प्रसन्‍न हो जाते हैं और भक्‍तों को आर्शीवाद देते हैं. ऐसी मान्‍यता है कि समुद्र मंथन के दौरान विष निकला था. जिसे भोलेनाथ ने पिया था. इस वजह से उनका पूरा शरीर नीला पड़ गया था. इसी वजह से उनको जल चढ़ाया जाता है. बिल्‍वपत्र भारतीय शास्‍त्रों में बिल्‍वपत्र को भगवान शंकर की तीसरी आंख बताई गई है. उन्‍हें यह बहुत प्रिय है. अगर पूजा करने में बिल्‍वपत्र का प्रयोग किया जाए तो भक्‍तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. धतूरा धतूरा भोलेनाथ को अति प्रिय है. ध...
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आलू का रस पीना भी होता है फायदेमंद!    क्या आप जानते हैं कि आलू का सेवन सिर्फ सब्जी के तौर पर ही नहीं बल्कि जूस के रूप में भी किया जा सकता है. आलू के जूस को पानी के साथ या फिर गाजर के जूस के साथ मिलाकर खाली पेट पीना चाहिए. लेकिन जो लोग पेट की समस्याओं से पीड़ित हैं उन्हें आलू का जूस नहीं पीना चाहिए. आपको बता दें कि कच्चे आलू का जूस सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. तो चलिए हम आपको बताते हैं आलू के जूस से होनेवाले लाजवाब फायदों के बारे में. किडनी के लिए फायदेमंद आलू का जूस किडनी की सेहत के लिए काफी फायदेमंद है इसके सेवन से किडनी की समस्या दूर होती है और किडनी स्वस्थ होती है. इसके अलावा आलू का रस मूत्राशय में कैल्शियम को पथरी बनने से रोकता है. वजन को नियंत्रित करे हर रोज सुबह नाश्ते से पहले और रात को डिनर से 3 घंटे पहले आलू का जूस पीने से भूख नियंत्रित रहती है. इतना ही नहीं यह शरीर के बढ़ते हुए वजन को भी कंट्रोल करता है. कॉलेस्ट्रॉल नियंत्रित करे आलू का रस शरीर में कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा को नियंत्रित करता है इसके साथ ही यह दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद भी है. आलू...