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जिंदगी हो खुशहाल दिनों में हो कार्य अलग-अलग

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अलग-अलग दिन हो कार्य  भर देगी खुशियों से झोली ज्योतिष में सभी खास कामों के लिए अलग-अलग दिन बताए गए हैं। मान्यता है कि सही दिन किए गए काम से शुभ फल प्राप्त होते हैं। कार्यों में सफलता मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। यदि कोई खास काम गलत दिन शुरू किया जाता है तो कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां जानिए उज्जैन के आचार्य प्रणयन एम. पाठक के अनुसार किस दिन कौन सा काम करना होता है शुभ – रविवार को करना चाहिए ये काम औषधि यानी दवाइयों का सेवन का शुरू कर सकते हैं, सवारी, वाहन, नौकरी, पशु खरीदी, यज्ञ, पूजन, अस्त्र-शस्त्र-वस्त्र की खरीदी, धातु की खरीदी, वाद-विवाद के लिए सलाह लेना शुभ है। सोमवार को कर सकते हैं ये काम कृषि संबंधी यंत्र खरीदी, बीज बोना, बगीचे में फल के वृक्ष लगाना, वस्त्र तथा रत्न धारण करना, क्रय-विक्रय करना, भ्रमण- यात्रा, कला कार्य, स्त्री-प्रसंग, नए काम की शुरुआत, आभूषण धारण करना, पशुपालन के लिए सोमवार शुभ होता है। मंगलवार को करना चाहिए ये काम जासूसी कार्य, भेद लेना, ऋण देना, गवाही देना, अग्नि संबंधी कार्य, सेना-युद्ध और नीति से ...

‘कर दर्शन’, जानिए क्यों?

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शास्त्रों के अनुसार सुबह उठते ही करने  चाहिए ‘कर दर्शन’, जानिए क्यों? सुबह सुहानी हो तो दिन अच्छा गुजरता है। दिन अच्छा हो इसके लिए हम सुबह अपने अंदर और बाहर अर्थात मन में और घर में शांति और प्रसन्नता चाहते हैं। हम आंख खुलते ही कोई ऐसी चीज देखना पसंद नहीं करते जिससे हमारा दिन खराब हो। हमारा दिन हमारे लिए शुभ हो इसके लिए ऋषियों ने कर दर्शनम् का संस्कार हमें दिया है।हमारी संस्कृति हमें धर्ममय जीवन जीना सिखाती है। हमारा जीवन सुखी, समृद्ध, आनंदमय बने इसके लिए संस्कार रचे गए और दिनचर्या तय की गई। दिनचर्या का आरंभ नींद खुलने के तत्काल बाद शुरू हो जाता है। दिन की शुरुआत का पहला कदम है- कर दर्शनम् अर्थात हथेलियों को देखना। सुबह उठते ही सबसे पहले हमें हथेलियों के ही दर्शन करना चाहिए। यहां जानिए क्या होता है सुबह-सुबह हथेलियों के दर्शन करने से… कैसे करें कर दर्शनम् – सुबह जब नींद से जागें तो अपनी हथेलियों को आपस मे मिलाकर पुस्तक की तरह खोल लें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों का दर्शन करें- कराग्रे वसते लक्ष्मी: करमध्ये सरस्वती। कर मूले स्थितो ब्रह्मा प्र...