नवरात्रि कलश स्थापना के लिए ये है सबसे सटीक मुहूर्त
जानें इसकी विधि से लेकर नियम और महत्व
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Saturday, October 11, 2024 |
नवरात्रि के पहले ही दिन कलश स्थापना करना बेहद शुभ होता है. शुभ मुहूर्त में इसकी स्थापना करनी चाहिए. इसमें मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
हिंदू धर्म में सर्वपितृ अमावस्या के बाद शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होती है. इस बार शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू होंगे. इसमें सबसे पहले कलश स्थापना की जाएगी. इसका कलश यात्रा में विशेष महत्व है. मान्यता है कि कलश में मां दुर्गा का वास होता है. इसके बाद पूरे नवरात्रि पूजा अर्चना की जाती है. कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है. इसके बिना पूजा को पूरी तरह से पूर्ण नहीं माना जाता है. साथ ही पूजा का पूर्ण फल भी प्राप्त नहीं होता है. आइए जानते हैं नवरात्रि शुरू होने के साथ ही कलश यात्रा का शुभ मुहूर्त और पहले ही दिन क्यों की जाती है इसकी स्थापना...
शारदीय नवरात्रि की तिथि
पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 3 अक्टूबर की सुबह 1 बजकर अगले दिन 4 अक्टूबर को तड़के सुबह 2 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. ऐसे में उदयातिथि को देखते हुए शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 3 अक्टूबर को बनाया जाएगा.
कलश स्थापना शुभ मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि को पहले दिन कलश स्थापना करने के लिए दो शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. इनमें सबसे पहले शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. वहीं घट स्थापना यानी कलश स्थापना का शुभ समय. 1 घंटा 6 मिनट रहेगा. वहीं दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर के समय होगा. जिसे अभिजीत मुहूर्त में किया जा सकता है. यह कलश स्थापना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. यह शुभ समय 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा.
कलश स्थापना की विधि
कलश स्थापना की विधि बेहद सरल है. इसके लिए सबसे पहले साफ और पवित्र स्थान का चुनाव करें. इसके साथ ही स्थान पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए. कलश स्थापना में घड़े में अक्षत यानी चावल, गेहूं, मूंग, चना, जौ, आम के पत्ते, गंगाजल, नारियल, रोली और कुमकुम डालें. इसके ऊपर नारियल रख दें. साथ ही घड़े के मुंह पर मौली बांधे दें. इसके बाद मंत्रों का जाप करें और कलश में जल अर्पित करें.
कलश स्थापना का महत्व
कलश में देवी मां दुर्गा का वास माना जाता है. इसकी स्थापना करने से मन शांत रहता है. घर में सुख और समृद्धि का वास होता है. इससे व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है. दुर्गा माता का घर-परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है.

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