काहुएंगा दर्रा का खजाना

 काहुएंगा दर्रा का खजाना

The Cahuenga Pass Treasure Story & History in Hindi

इस खजाने की कहानी 1864 से शुरू होती है, जब मैक्सिको के राष्ट्रपति बेनिटो जुआरेज (Benito Juarez) ने अपने चार सैनिकों को एक खजाने के साथ सेन फ्रांस्सिको भेजा था। इसमें सोने के सिक्के और बेशकीमती ज्वेलरी थी। रास्ते में एक सैनिक की मौत हो गई तो तीनों ने बीच रास्तें में खजाने को जमीन के अंदर गाड़ दिया। लेकिन वहां घूम रहे एक व्यक्ति डियागो मोरेना (Diego Morena) ने यह देख लिया। बाद में उसने इस धन को निकाला और लॉस एंजलिस की ऊपरी पहाड़ी पर गाड़ दिया।
उसी रात उसने एक स्वप्न देखा कि  इस खजाने से अगर वह धन लाएगा तो उसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। डियागो की मौत के बाद उसके मित्र जीसस मार्टिनेज (Jesus Martinez) ने इस खजाने को पाने के लिए अपने सौतेले पुत्र के साथ जैसे ही खुदाई करना शुरू की उसकी मौत हो गई। इसके बाद जीसस मार्टिनेज के सौतेले बेटे की मौत भी एक फायरिंग में हो गई। इस खजाने का थोड़ा हिस्स 1885 में बास्क शेफर्ड (Basque shepherd) को मिला लेकिन जब वह जहाज से स्पेन जा रहा था तो सोने के सिक्कों के साथ वह समुद्र में डूब गया। इसके बाद आयल एक्सपर्ट हेनरी जोन्स (Henry Jones)  ने 1939 में इस खजाने की खुदाई करानी शुरू की लेकिन 27 नवंबर को उसने आत्महत्या कर ली। बाद में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। अगर हम सैनिकों सहित सभी की गिनती करें तो 9 लोग इस खजाने के चक्कर में मर चुके हैं।

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