नवरात्र का आरंभ अश्विनी नक्षत्र में
अमृत और स्वार्थ सिद्धी योग नवरात्र
अमृत सिद्धि योग विशेष शुभ प्रदान करने वाला और हर कार्य में लाभ देने वाला माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना जाता है कि अमृत सिद्धि योग और स्वार्थ सिद्धि योग एक साथ आते हैं। मान्यता है कि अमृत सिद्धि योग में जो कार्य किए जाते हैं उनमें स्थायित्व की प्राप्ति होती है और शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। अगर आप भूमि पूजन, भवन निर्माण या फिर कोई नया कामधंधा शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो इस नवरात्र में आरंभ कर सकते हैं। इन सभी कार्यों में आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी। स्वार्थ सिद्धि योग
स्वार्थ सिद्धि योग का संबंध मां लक्ष्मी से होता है, ऐसा माना जाता है कि इस योग में कार्य का आरंभ करने से वह कार्य सिद्धि देने वाला और सफल माना जाता है। स्र्वार्थ सिद्धि योग में जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं उन सभी में आपको सफलता प्राप्त होती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माना जाता है कि यह योग जिस दिन लगा हो उस दिन कार्य करने से बिना बाधा के वह कार्य पूर्ण होता है और सुख समृद्धि आती है।
सभार : पंडित सतीश कुमार

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